Drawing & Painting

गंगाशील महविद्यालय का चित्रकला विभाग वर्ष 2015 में महाविद्यालय की स्थापना के साथ ही अस्तित्व में आया तथा प्रवेशित छात्रों की कर्मठता एवं रुचि को देखते हुए महाविद्यालय ने वर्ष 2018 में चित्रकला विषय में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम का शुभारंभ किया । तभी से विभाग की गतिविधियाँ निरन्तर अपने लक्ष्य की ओर उन्मुख हैं ।

इसी क्रम में विभाग द्वारा विविध राष्ट्रीय और अन्तरराष्ट्रीय कार्यशालाओं, प्रदर्शनियों, विचार-गोष्ठियों, डिमान्स्ट्रेशन एवं प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता रहा है जो विद्यार्थियों का बहुमुखी विकास करता है, और उनके दायरे को परिवर्धित करता है ।

शोध-केन्द्रित दृष्टिकोण से महाविद्यालय के पुस्तकालय में चित्रकला विषय से संबंधित दुर्लभ और गुणवत्तापूर्ण पुस्तकों, पत्र-पत्रिकाओं, कैटलॉग्स की महती उपलब्धता है, जो छात्रों को शोधपरक बनाती है । चित्रकला विभाग द्वारा टेराकोटा ज्युलरी डिजाइनिंग कार्यशालाएं, ग्रीष्मकालीन कार्यशालाएं, सर्टिफिकेट कोर्सेस एवं एक्सटेंशन कार्यक्रम संचालित किए जाते रहे हैं जो विद्यार्थियों के सर्वांगीण और सर्वोन्मुखी विकास का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं ।

विज़न
  • यह सर्वमान्य तथ्य है कि कलायें मानव जीवन को सुगम बनाने में, चारित्रिक उन्नयन में तथा सौंदर्यात्मक दृष्टिकोण को विकसित करने में अहम भूमिका का निर्वहन करती हैं ।
  • इसी क्रम में चित्रकला विषय के पाठ्‌यक्रम में निर्धारित सैद्धान्तिक और प्रयोगात्मक दोनों ही पक्ष कला की प्राचीन से अर्वाचीन तक की यात्रा का साक्षात्कार कराते हैं । जिनमें छात्र पारम्पारिक और गैर-पारम्पारिक तकनीक और शैलियों का ज्ञान प्राप्त करते हैं ।
  • महाविद्यालय का चित्रकला विभाग सांस्कृतिक सुदृढ़ता प्रदान कर संवेदनशील समाज का निर्माण कर रहा है जिससे विद्यार्थी सांस्कृतिक, कलात्मक और संज्ञानात्मक रूप से भावी जीवन के लिए तैयार हो रहे हैं ।
  • यह विषय भौतिक और मानसिक रूप से छात्रों को समृद्ध और सम्पन्न बनाता है क्योंकि शोधन की प्रक्रिया में छात्र आत्मशुद्धि प्राप्त करता है |
मिशन
  • स्नातक और स्नातकोत्तर की परीक्षाओं को उत्तीर्ण कर छात्र शिक्षण क्षेत्र में नेट, पी. एच.-डी. जैसी उपाधियाँ प्राप्त कर सम्मानीय शिक्षक व शोध के क्षेत्र में स्वयं को स्थापित कर सकें ।
  • व्यवसायिक तौर पर विद्यार्थियों को सुदृढ़, स्वावलम्बी और कौशलयुक्त बनाना ।
  • समाज के प्रति संवेदनशील व विनम्र नागरिकों का निर्माण करना, जिससे समाज को उचित दिशा मिल सके ।
  • छात्रों को लोक और पारम्पारिक कलाओं का ज्ञान प्राप्त कराना जिससे वह अपने परिवेश और समुदाय की कला व संस्कृति के प्रति जागरूक रहें तथा उसका समुचित विकास करें ।
  • विभाग की अत्याधुनिक आर्ट गैलरी महाविद्यालय के साथ ही बाहरी कलाकारों को भी प्रदर्शन हेतु स्थान प्रदान करती है जहाँ वे एकल व समूह प्रदर्शनी का आयोजन कर सकें । स्वतन्त्र कलाकार के रूप में अपना उत्कृष्ट प्रदर्शन करें तथा कला जगत में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें ।
  • ग्राफिक, प्रिन्ट मेकिंग, विज्ञापन कला, ज्युलरी डिजाइनिंग, पॉटरी आर्ट, मूर्ति, टेक्सटाइल, फैशन डिजाइनिंग, एनीमेशन, डिजिटल आर्ट, कार्टूनिंग, स्थापत्य इत्यादि कलाओं का मूल चित्रकला विषय है जो विद्यार्थियों को कला के क्षेत्र में अपना भविष्य चुनने के लिए नये-नये अवसर प्रदान करता है ।
  • इस प्रकार चित्रकला विषय सार्वभौमिक रूप से छात्र की उत्रोत्तर प्रगति और उन्नति का मार्ग प्रशस्त कर रहा है ।